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लोग कहते हैं हाथ गंदे रहते हैं हर दिन, उन्हें क्या पता, इन्हीं हाथों से चलता है सफ़र हर किसी का हर दिन। ❤️ #automobileworkout
40,000 KM के बाद इंजन भी कहता है – “थोड़ा अंदर से भी साफ कर दो यार!” 🔧🚗 👉🏿 लंबे समय में इंजन के अंदर जमा स्लज और कार्बन साफ हो जाता है। 👉🏿 ऑयल पासेज खुल जाते हैं, जिससे लुब्रिकेशन बेहतर होता है। 👉🏿 इंजन की आवाज़ और वाइब्रेशन कम हो सकती है। 👉🏿 पिकअप और स्मूदनेस में फर्क महसूस होता है। 👉🏿 नए इंजन ऑयल की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है। ✅ कब सच में फायदा मिलेगा? 👉🏿 अगर सर्विस टाइम पर नहीं हुई हो। 👉🏿 ऑयल बहुत गाढ़ा और काला निकल रहा हो। 👉🏿 सेकंड हैंड गाड़ी ली हो और हिस्ट्री क्लियर न हो। ⚠️ ध्यान रखें 👉🏿 हर 40,000 km पर करना सही है, , गाड़ी की कंडीशन देख कर भी करवा सकते है, पर हर 10 हजार में न करवाए ⚠️। 👉🏿 ज्यादा बार फ्लश करने से सील और गैस्केट कमजोर हो सकते हैं। 👉🏿 फ्लश के बाद हमेशा नया ऑयल और नया ऑयल फिल्टर लगवाएं। आपकी गाड़ी कितने किलोमीटर चल चुकी है? 🤔 #automobileworkout #EngineFlush #CarCare #CarMaintenance #AutoTips ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले।
दोस्तों, 🚗 गाड़ी में लगे ये 3 बटन अगर सही समय पर यूज़ कर लिए तो ड्राइविंग और भी स्मूद हो जाएगी! 80% लोगों को इनके सही इस्तेमाल का तरीका पता ही नहीं होता। 👇 👉🏿 1️⃣ Traction Control OFF (फिसलन कंट्रोल बटन) यह बटन टायर की स्लिप को कंट्रोल करता है। ✔️ कब यूज़ करें? • जब गाड़ी कीचड़, रेत या बर्फ में फंस जाए • पहाड़ी या स्लिपरी रोड पर ✔️ कैसे यूज़ करें? • नॉर्मल रोड पर इसे ON ही रहने दें • गाड़ी फंसने पर ही OFF करें ताकि टायर को फ्री स्पिन मिल सके 👉🏿 2️⃣ A OFF (Auto Start/Stop बटन) यह फीचर ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन को ऑटोमैटिक बंद कर देता है और क्लच/ब्रेक छोड़ते ही चालू करता है। ✔️ कब यूज़ करें? • लंबा ट्रैफिक जाम हो • ज्यादा फ्यूल बचाना हो ✔️ कब बंद रखें? • बहुत गर्मी में जब AC फुल चल रहा हो • पहाड़ी या बार-बार स्टार्ट-स्टॉप वाली ड्राइव में ✔️ फायदा: फ्यूल सेविंग और कम पॉल्यूशन 👍 👉🏿 3️⃣ Headlight Level Adjuster (हेडलाइट एडजस्ट रोलर) यह हेडलाइट की ऊंचाई कम-ज्यादा करता है। ✔️ कब यूज़ करें? • जब गाड़ी में पीछे ज्यादा वजन/लोग बैठे हों • रात में सामने वाले को चकाचौंध से बचाने के लिए ✔️ कैसे यूज़ करें? • खाली गाड़ी में 0 या 1 पर रखें • ज्यादा लोड होने पर 2-3 पर सेट करें 🚘 सही बटन सही समय पर इस्तेमाल करेंगे तो गाड़ी की परफॉर्मेंस और सेफ्टी दोनों बेहतर रहेगी। ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले। #automobileworkout #carcaretips #drivingtips #carsafety
आपकी ही गाड़ी में सब लिखा रहता है, फिर भी हम पूछते फिरते हैं कि कितनी हवा डालें 👇 👉🏿 Cold Tyre Inflation Pressure (kPa / PSI) – ये ड्राइवर साइड डोर या फ्यूल कैप के अंदर लिखा होता है। 👉🏿 जैसे: 165/70R14, 175/60R15 – हर टायर साइज के हिसाब से अलग-अलग PSI लिखा रहता है। 👉🏿 “Cold” का मतलब – सुबह या 2–3 घंटे खड़ी गाड़ी में हवा चेक करें। 👉🏿 ज्यादा हवा = टायर बीच से घिसेगा। 👉🏿 कम हवा = माइलेज कम + टायर साइड से कटेगा। ✅ सही तरीका क्या है? 👉🏿 डोर स्टिकर पर दिए PSI के अनुसार ही हवा भरवाएं (जैसे 30–35 PSI, गाड़ी के हिसाब से)। 👉🏿 महीने में कम से कम 2 बार प्रेशर चेक करें। 👉🏿 लंबी यात्रा से पहले जरूर चेक करें। आपकी गाड़ी में लिखा है… बस पढ़ना जरूरी है 👍 क्या आपको अपनी कार का सही PSI पता है? कमेंट में जरूर बताएं 👇 #automobileworkout #tyrepressure #carcaretips #indiandrivers #carsafety ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले।
🚗 O2 Sensor या Catalytic Converter खराब होने पर क्या-क्या दिक्कत आती है? 🔧 1️⃣ O2 Sensor खराब / Carbon जमा होने पर 👉 Engine की pickup कम हो जाती है 👉 Mileage घट जाता है (fuel ज्यादा जलता है) 👉 Engine jerk / हल्का मिसफायर करने लगता है 👉 Check Engine Light ऑन हो जाती है 👉 गाड़ी से कच्चे पेट्रोल की बदबू आ सकती है 👉 Pollution level बढ़ जाता है 📌 कारण: Sensor गलत reading देता है, जिससे fuel-air mixture गड़बड़ हो जाता है। 🔥 2️⃣ Catalytic Converter चोक / मिट्टी टूटने पर 👉 गाड़ी की ताकत कम हो जाती है 👉 एक्सेलरेटर दबाने पर भी RPM जल्दी नहीं बढ़ता 👉 Engine गरम ज्यादा होने लगता है 👉 Silencer से अजीब आवाज / घुटी हुई आवाज 👉 Mileage गिर जाता है 👉 Check Engine Light (अक्सर P0420 code) 📌 अगर अंदर की “मिट्टी / हनीकॉम्ब” टूट जाए तो सिलेंसर में blockage हो सकता है, जिससे गाड़ी दम घुटने जैसी चलती है। ⚠️ ध्यान दें: अगर समय पर ठीक नहीं कराया तो Engine पर extra load पड़ेगा और खर्चा ज्यादा हो सकता है। अगर चाहो तो मैं “कैसे पहचानें कि sensor खराब है या converter” ये भी आसान तरीके से समझा दूँ 🚗🔥
2000–3000 RPM के बीच गियर बदलना सबसे सुरक्षित और बेहतर। 👉 1200 RPM से नीचे गाड़ी झटके खा सकती है। 👉 4000+ RPM पर ज्यादा फ्यूल जलेगा। 👉 इंजन की आवाज पर भी ध्यान दें — वही सही संकेत देती है 😊 👉🏽आराम से गाड़ी चलाइए, सही RPM पर गियर बदलिए, माइलेज भी बढ़ेगा और इंजन भी लंबा चलेगा। 👉🏽 नए ड्राइवर को खासकर गाड़ी चलाने से पहले क्लच के बारे में पढ़ना जरूरी है ✅🚘
दोस्तों, अगर आपकी गाड़ी ओवरहीट हो जाए 🔥 तो घबराइए मत, लेकिन लापरवाही बिल्कुल मत कीजिए। ओवरहीटिंग को हल्का लेना इंजन के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। नीचे पूरी जानकारी स्टेप-बाय-स्टेप दी जा रही है, ध्यान से पढ़िए 🙏 Automobileworkout 👉🏿 1. तुरंत गाड़ी साइड में लगाइए जबरदस्ती चलाते रहना सबसे बड़ी गलती है। ओवरहीट में चलाने से इंजन सीज़ भी हो सकता है। 👉🏿 2. AC तुरंत बंद कर दें AC इंजन पर अतिरिक्त लोड डालता है। AC बंद करने से तापमान थोड़ा कंट्रोल हो सकता है। 👉🏿 3. इंजन बंद कर 10–15 मिनट ठंडा होने दें इंजन को आराम दीजिए। तुरंत बोनट खोल सकते हैं ताकि गर्मी बाहर निकले, लेकिन अंदर किसी पार्ट को हाथ मत लगाइए। 👉🏿 4. रेडिएटर कैप तुरंत बिल्कुल न खोलें ❌ गरम इंजन में कैप खोलने से उबलता कूलेंट बाहर आ सकता है, जिससे जलने का खतरा रहता है। हमेशा इंजन पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही खोलें। 👉🏿 5. कूलेंट लेवल चेक करें रिज़र्व टैंक में कूलेंट कम है तो सही ग्रेड का कूलेंट डालें। बार-बार सिर्फ सादा पानी डालना सही नहीं है। 👉🏿 6. नीचे लीकेज तो नहीं देखिए अगर गाड़ी के नीचे पानी या कूलेंट टपक रहा है, तो पाइप, रेडिएटर या वॉटर पंप में लीकेज हो सकता है। 👉🏿 7. रेडिएटर फैन चेक कराइए अगर फैन काम नहीं कर रहा, तो ट्रैफिक में गाड़ी बार-बार गर्म होगी। 👉🏿 8. थर्मोस्टेट और वॉटर पंप भी कारण हो सकते हैं कभी-कभी अंदर का पार्ट जाम हो जाता है, जिससे कूलेंट सर्कुलेशन रुक जाता है। 👉🏿 9. बार-बार ओवरहीट हो तो गाड़ी मत चलाइए हेड गैस्केट खराब हो सकता है, जिसका खर्च बहुत ज्यादा होता है। 👉🏿 10. भविष्य में बचाव कैसे करें समय पर कूलेंट बदलें, रेडिएटर की सफाई कराएँ, लीकेज को हल्का मत लें, और टेम्परेचर गेज पर हमेशा नजर रखें। दोस्तों, मेरी दिल से सलाह ❤️ ओवरहीटिंग छोटी समस्या नहीं है। समय पर ध्यान देने से बड़ा खर्च बच सकता है। अगर आपकी गाड़ी कभी ओवरहीट हुई है, तो कारण क्या निकला था? कमेंट में जरूर बताइए 😊 👍 लाइक करना ना भूलें 💬 कोई भी सवाल हो तो कमेंट जरूर करें 🔔 फॉलो करना ना भूलें ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले। #automobileworkout #EngineOverheat #CarCareIndia #AutoTips #CarSafety
Abnormal noise 🚘👺⚡ #car #part #service #support #suspension bush driveshaft alternator starter steering mechanic automobileworkout carinfo viral trending auto automobile engineer reeitfeelit
जीना यहाँ मरना यहाँ, इसके सिवा जाना कहाँ ⛳🚘 #automobileworkout
दोस्तों, घर बैठे 2 🚘✅ मिनट में करें अपनी गाड़ी का जनरल चेकअप – लंबा सफर हो या रोज की ड्राइव, ये आदत आपको महंगे खर्च से बचाएगी! 👉🏿 इंजन ऑयल चेक करें डिपस्टिक निकालकर MIN–MAX लेवल देखें MAX से ज्यादा भी नहीं, MIN से कम भी नहीं बार-बार ऑयल का ग्रेड न बदलें, एक ही सही ग्रेड रखें कम हो तो तुरंत अच्छे मैकेनिक से टॉप-अप/चेंज कराएँ 👉🏿 ब्रेक ऑयल सबसे जरूरी वही ग्रेड डालें जो आपकी गाड़ी में कंपनी बताती है गलत ग्रेड का ऑयल ब्रेक सॉफ्ट या हार्ड कर देता है अगर DOT-3 है तो DOT-3 ही, DOT-4 है तो DOT-4 ही डालें ब्रेक ऑयल में पानी न मिलाएँ इमरजेंसी में सिर्फ डिस्टिल्ड वॉटर थोड़ा सा डाल सकते हैं, पर बाद में ऑयल जरूर बदलें 👉🏿 कूलेंट (रेडिएटर) MIN–MAX के बीच होना चाहिए लॉन्ग लाइफ कूलेंट में साधारण पानी न मिलाएँ जरूरत पड़े तो सिर्फ डिस्टिल्ड वॉटर डालें गर्म गाड़ी में रेडिएटर का ढक्कन कभी न खोलें 👉🏿 बैटरी और इलेक्ट्रिक बैटरी टर्मिनल ढीले या जंग लगे न हों सेल्फ कमजोर लगे तो तुरंत चेक कराएँ हेडलाइट, इंडिकेटर, हॉर्न सही चल रहे हों 👉🏿 टायर और सेफ्टी टायर प्रेशर कंपनी के हिसाब से रखें टायर में कट-फट या फूला हिस्सा न हो स्टेपनी में भी हवा जरूर चेक करें 👉🏿 वाइपर और वॉशर वाइपर टैंक में नहाने वाला शैम्पू न डालें सिर्फ वाइपर फ्लूड इस्तेमाल करें वाइपर रबर घिसे हों तो बदल दें 👉🏿 और क्या देख सकते हैं पावर स्टीयरिंग ऑयल (जहाँ हाइड्रोलिक है) ब्रेक पैडल बहुत नीचे तो नहीं जा रहा गाड़ी के नीचे किसी तरह का लीकेज तो नहीं बेल्ट से सीटी जैसी आवाज तो नहीं आ रही ✅ फायदा क्या होगा अचानक ब्रेक फेल और ओवरहीटिंग से बचाव इंजन की लाइफ लंबी माइलेज सही और ड्राइविंग सेफ गैरजरूरी खर्च से छुटकारा मेरी तरफ से बात: गाड़ी मशीन है, पर ध्यान इंसान जैसा मांगती है—2 मिनट का चेकअप हजारों रुपये बचा देता है। #automobileworkout #CarCareTips #DriveSafeIndia #TyreSafety #BrakeCare ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले।
👉 गियर डालते या बदलते समय झटका लगना – खासकर 1st गियर में छोड़ते ही पूरी गाड़ी हिल जाती है। 👉 स्टार्ट करते ही बॉडी में तेज वाइब्रेशन – स्टीयरिंग, डैशबोर्ड और सीट तक कांपने लगती है। 👉 एक्सेलरेटर देने पर इंजन उछलना – बोनट के अंदर इंजन हिलता महसूस होता है। 👉 क्लच छोड़ते समय ठक-ठक आवाज – जैसे इंजन अपनी जगह से खिसक रहा हो। 👉 ब्रेक लगाते वक्त झटका – इंजन आगे की तरफ झुक जाता है। 👉 केबिन में ज्यादा आवाज – नॉर्मल से कई गुना शोर अंदर आता है। ✅ समाधान सभी माउंटिंग (RH/LH/GB Mount) चेक कराओ रबर फटी हो तो तुरंत बदलो लोकल नहीं, अच्छी क्वालिटी की माउंटिंग लगवाओ ज्यादा दिन चलाया तो एक्सल, होज़ पाइप और साइलेंसर भी डैमेज हो सकते हैं। इंजन माउंटिंग छोटी चीज लगती है, लेकिन यही पूरी गाड़ी का बैलेंस संभालती है। ऐसी और जानकारी के लिए ऑटोमोबाइल वर्कआउट को फॉलो करना ना भूले।
🚇 इंजन चेक लाइट बार-बार आ रही थी, पिकअप कम और माइलेज भी गिर गया – बिना बदले ₹10 से 11 हजार की बचत! 👉🏿 समस्या क्या थी? 👉 मीटर में बार-बार Engine Check Light आना ⚠️ 👉 गाड़ी का पिकअप कम होना 👉 माइलेज गिर जाना 👉 स्कैनिंग में PM Sensor Fault दिखना 👉🏿 PM Sensor क्या करता है? 👉 PM Sensor (Particulate Matter Sensor) BS6 डीज़ल गाड़ियों में DPF के पास लगा होता है 👉 यह एग्जॉस्ट में मौजूद सूट/धुएं के पार्टिकल को मापता है 👉 गलत रीडिंग आने पर ECU इंजन चेक लाइट जला देता है 👉🏿 मैकेनिक की आम गलती ❌ 👉 सीधे बोल देते हैं – PM Sensor बदलना पड़ेगा 👉 कीमत लगभग ₹8,000–₹10,000 तक 💸 👉🏿 सही तरीका (ध्यान से पढ़ें) ✅ 👉 बदलवाने से पहले PM Sensor को अच्छी तरह साफ करें 👉 कार्बन और गंदगी हटाकर सही से फिट करें 👉 कनेक्टर और वायरिंग चेक करें 👉 उसके बाद OBD स्कैनर से फॉल्ट क्लियर करें 👉🏿 रिज़ल्ट 🔥 👉 80% गाड़ियों में प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है 👉 इंजन चेक लाइट चली जाती है 👉 पिकअप और माइलेज नॉर्मल हो जाता है 👉 ग्राहक के ₹10,000 बच जाते हैं 💯 👉🏿 जरूरी सलाह ⚠️ 👉 हमेशा सही स्कैनिंग और डायग्नोसिस करवाएं 👉 बिना कन्फर्मेशन पार्ट रिप्लेस न करें ❓आपकी गाड़ी में कभी PM Sensor या DPF की दिक्कत आई है? कमेंट में बताइए 👇 #automobileworkout #PMSensor #EngineCheckLight #BS6Diesel #DPFProblem CarTips MechanicLife