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आप सभी को होली की अनेकानेक शुभकामनाएं। स्नेह और सद्भाव के रंगों से सजा यह पारंपरिक पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा नये उत्साह के नये रंग ले कर लेकर आए। हिंदी साहित्य में ब्रजभाषा के महान कवि पद्माकर के शब्दों में भगवान कृष्ण के रंग में सांगोपांग निमग्न करने वाली होली की स्मृति को समर्पित फागु के भीर अभीरन में, गहि गोबिंदैं लै गई भीतर गोरी। भाई करी मन की ‘पद्माकर’, ऊपर नाइ अबीर की झोरी॥ छीन पितंबर कंम्मर तें, सु बिदा दई मीड़ि कपोलन रोरी। नैन नचाइ, कह्यौ मुसकाइ, लला! फिरि आइयो खेलन होरी॥
राजनीति में भाषाई निम्नता में कांग्रेस नीचता की सभी सीमाएं पार कर रही है। मोदी जी को माँ की गाली देने वाली कांग्रेस के प्रवक्ता आज TV डिबेट में भारतीय सेना के पूर्व सैनिक को अब सीधे गंदी गाली देने लगे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व व नक़ल में कांग्रेस के नेता नग्नता व निम्नता में कहाँ तक गिरेंगे यह कल्पना से परे होता जा रहा है
कानपुर में आयोजित ‘TiECon Uttar Pradesh 2026’ में सम्मिलित हुआ और कार्यक्रम में पधारे उद्यमियों को संबोधित किया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की सरकार की स्टार्टअप-प्रोत्साहन नीतियाँ, और प्रदेश में मा० मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी की सरकार के निवेश एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार दोनों ने यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा प्रदान की है। ‘TiECon UP’ का यह मंच युवा उद्यमियों को प्रेरित करने और प्रदेश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वर्ष 1977 में कांग्रेस की हार के बाद मॉस्को में यह चर्चा हुई कि इतने प्रयासों के बावजूद पराजय क्यों हुई, यहीं से कंप्रोमाइज़्ड सरकार की सच्चाई उजागर होने लगी। विकिलीक्स के खुलासों पर आज तक कांग्रेस कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी। 1980 के दशक में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में सहयोग करने का प्रस्ताव इज़राइल की ओर से आया, लेकिन इंदिरा गांधी ने इसे ठुकरा दिया। यह कदम उठाया जाता तो भारत ही नहीं, दुनिया कई संकटों से बच सकती थी। जब सब संसाधन उपलब्ध थे, तो रोक क्यों नहीं लगी? 1971 की ऐतिहासिक जीत भी कूटनीतिक मेज़ पर हार में बदल गई 93,000 पाकिस्तानी युद्धबंदियों को लौटा दिया गया, पर भारत अपने 54 सैनिकों की वापसी तक सुनिश्चित नहीं करा सका। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले 30,000 वर्ग मील क्षेत्र की वापसी भी नहीं हुई। परंतु भारत ने अपने कब्जे की ज़मीन लौटा दी। यह कौन कंप्रोमाइज़ था? 1974 के पोखरण परीक्षण की गोपनीय जानकारी अमेरिका–रूस तक पहले ही पहुँच गई थी। भारत की संवेदनशील सूचनाएँ विदेशी ताकतों के पास कैसे पहुँचीं, यह भी बड़ा प्रश्न है। इसके विपरीत, 1998 में अटल जी ने पोखरण–II कर भारत को वास्तविक परमाणु शक्ति घोषित किया, भले ही देश को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध झेलने पड़े। यही अंतर है एक पक्ष कंप्रोमाइज़ करता रहा, और दूसरा राष्ट्रहित में निर्णायक निर्णय लेता रहा। #CongressExposed #CompromisedIndiraGandhi
मैं कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूँ ऐसा नहीं है कि हम कोई नई बात खोजकर ला रहे हैं, हम तो सिर्फ वही पर्दा उठा रहे हैं जो वर्षों से सामने खड़ा है। वी.के. कृष्ण मेनन का प्रभाव इंदिरा गांधी पर गहरा था और उनके विचार कई बार सोवियत संघ की सोच से मेल खाते थे। इसी कारण उस दौर में भारत–सोवियत संबंधों और नीतिगत झुकाव पर गंभीर सवाल उठते हैं। ‘मित्रोखिन आर्काइव्स’ के अनुसार सोवियत पॉलिटब्यूरो ने 1976 में कांग्रेस पार्टी को 20 लाख रुपये और बाद में 10 लाख रुपये दिए जो उस समय बहुत बड़ी राशि मानी जाती थी। इसका पूरा विवरण सोवियत अधिकारियों की लिखित फाइलों में दर्ज है। वासिली मित्रोखिन जो केजीबी अधिकारी थे सोवियत संघ के विघटन के बाद गोपनीय दस्तावेज लेकर लंदन पहुँचे और 2006 में ‘मित्रोखिन आर्काइव’ की दो पुस्तकों में केजीबी के ऑपरेशन उजागर किए। दूसरे भाग में उल्लेख है कि मई 1976 में सोवियत वस्तुओं के आयात के लिए रुपये रूबल विनिमय दर 8.33 से बढ़ाकर 10 रुपये कर दी गई, जिससे भारत को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी और इसका सीधा लाभ सोवियत संघ को मिला।
क्योंकि आजकल compromised विषय पर बहुत प्रायोजित और संगठित दुष्प्रचार किया जाता है, इसलिए आज हम कांग्रेस पार्टी द्वारा सर्वकालीन सर्वशक्तिशाली प्रधानमंत्री मानी जाने वाली तथाकथित आइकन लेडी इंदिरा गांधी जी के सरेंडर की दास्तान और उनके कंप्रोमाइज को कंसाइज फॉर्म में आपके सामने रखने का प्रयास करेंगे। #CongressExposed #CompromisedIndiraGandhi
राष्ट्रीय हित से नेहरू-गांधी परिवार ने अनेक अपमानजनक व घातक समझौते किये। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कांग्रेस सदैव सम्मान व संप्रभुता दोनों पर समझौता (Compromise) करने को तैयार रहती है। Factual narration of the compromised generations #CompromisedNehru
Hugs, laughter, and a personal touch set the tone as PM Modi’s second visit kicks off a vibrant new chapter in India-Israel relations.
कांग्रेस मतलब देश विरोधी शक्तियों के साथ कम्प्रोमाइज! • भारत की परमाणु तकनीक पाक को देना चाहती थीं इंदिरा गांधी • 22 जुलाई 1974 को इंदिरा गांधी ने संसद में प्रस्ताव भेजने की बात स्वीकार की थी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कमजोर नीति, तुष्टिकरण की राजनीति और देश विरोधी ताकतों के साथ कम्प्रोमाइज कांग्रेस की नीति रही है। #CompromisedCongress
60 मिनट: भारत की शक्ति का ट्रेलर! 🇮🇳🔥 जब तक आप यह वीडियो देखेंगे, भारत प्रगति की एक और सीढ़ी चढ़ चुका होगा! ⚡ सिर्फ 60 मिनट में: • ₹14 करोड़+ का रक्षा उत्पादन 🛡️ • ₹48.17+ करोड़ का मोबाइल उत्पादन 📱 • 1,410 मीटर नए हाईवे 🛣️ • 420+ घरों का निर्माण 🏠 ये है नए भारत की रफ्तार, जो अब रुकने और थमने वाला नहीं है! 🚀
समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए। मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं कि देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी: आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी कांग्रेस की करतूतों का नक़ाब तो पहले ही उतर चुका था अब बदन के कपड़े भी उतर गये। अब इनका राष्ट्र विरोधी चरित्र देश की आँखों के सामने पूरी तरह नंगा हो गया है। In an utter frustration of anti Modi Schizophrenia, Congress has become a tool kit to damage every matter of National interest, Now this is a ‘Naked Truth’ #ShameOnYouCongress
विश्व AI शिखर सम्मेलन में जहां एक तरफ भारत की प्रतिभा और बुद्धिमत्ता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की निम्नता और नग्नताका शर्मनाक प्रदर्शन देखने को मिला। इसे केवल नकारात्मक राजनीति कहकर नहीं छोड़ा जा सकता है। यह एक गंभीर निंदनीय कृत्य है जो राष्ट्र के साथ द्रोह के समान है। इस समय पूरा देश इस विषय को लेकर आक्रोशित है। अभी तक राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत के प्रति निंदनीय बयान देते थे, लेकिन अब उनके इशारे पर भारत की धरती पर भी विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि को खराब करने का निहायत घटिया प्रयास हो रहा है। जहाँ एक तरफ़ प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत की प्रगति व प्रतिष्ठा का निखार हो रहा है तो वहीं लश्कर-ए-राहुल के झंडाबरदार विदेशी मेहमानों के सामने भारत की इज़्ज़त तार-तार करने में लगे हैं।